Navratri Mein Jau Bone ka Tarika| नवरात्रि में कैसे उगाएं जौ (जवारे) ,जानेगें जौ बोते समय किन बातों का रखें ध्यान.

Navratri Mein Jau Bone ka Tarika

Navratri Mein Jau Bone ka Tarika| हिन्दू धर्म में नवरात्रि पर्व का बहुत महत्व है. दुर्गा माता के भक्त नवरात्रि के त्यौहार को बहुत ही हर्षोल्लास से मनाते हैं इसके साथ ही पूरे नौ दिन का व्रत रखते हैं. नवरात्रि में पूजा पाठ का जहां विशेष महत्व होता है तो वहीं नवरात्रि की पूजा विधि का खास महत्व होता हैं नवरात्रि पूजा की अहम विधि होती हैं जौ या फिर ज्वारे को बोना जिसकी नवरात्रि में विशेष पूजा होती हैं. कहा जाता हैं कि जौ जितनी जल्दी और ज्यादा हरे भरे होते हैं माता की कृपा उतनी ही ज्यादा बरसती हैं शास्त्रों में जौ को माता दुर्गा का प्रतीक माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि नवरात्रि में कलश स्थापना (Navratri mein kalash sthapna kaise kare) के साथ जौ को इसलिए बोये जाते हैं क्योंकि हिन्दू धर्म ग्रन्थों के अनुसार सृष्टि की शुरुआत के पहली फसल जौ को माना गया है जब भी कोई देवी देवताओं का पूजन होता है तब जौ (jau ugane ka tarika) को बहुत शुभ माना जाता हैं.

How to grow Barley in Navratri | नवरात्रि में कैसे उगाएं जौ (जवारे) :

1) नवरात्रि में जौ को उगाने के लिए मिट्टी का एक साफ पात्र लेकर उसे पानी से धो लेना चाहिए.

2) मिट्टी के पात्र में कुमकुम से स्वास्तिक बनाकर अब इसमें मिट्टी और गोबर की सूखी खाद डालें.

3) अब इसके ऊपर पानी को छिड़काव कर दें जिससे कि मिट्टी थोड़ा सा गीला हो जाएं.

4) इसके बाद भींगे हुआ एक मुट्ठी जौ लेकर उसे मिट्टी के पात्र में डालकर फैला दें.

5) अब फिर से उस मिट्टी के पात्र में जौ के ऊपर मिट्टी को डालकर पूरे पात्र को भर देने के बाद उस पर जल का छिड़काव कर दें.

6) अब इस पात्र को दुर्गा माता के मूर्ति या फिर फ़ोटो के सामने स्थापित करके इसका पूजन करें.

7) अब नौ दिन जवारे वाले पात्र में नियमित जल अर्पित करें, इसमें अत्यधिक जल न डालें सीमित मात्रा में जल का छिड़काव करें.

Navratri Mein Jau Bone ka Tarika| नवरात्रि में जौ (जवारे) बोते समय किन बातों का रखें ध्यान :

1) नवरात्रि के दिनों में जौ उगा रही हैं तो ध्यान दे कि पात्र मिट्टी का बना हो क्योंकि  मिट्टी को सबसे ज्यादा पवित्र माना जाता हैं.

2) जौ का पात्र वहां रखे जहां कलश स्थापना की गई हैं और देवी माँ की मूर्ति या फिर फ़ोटो रखी गई हो.

3) जो भी जौ को उगाए उसे स्नानादि से मुक्त होकर साफ वस्त्र को धारण करने के बाद ही जौ उगाने चाहिए.

4) महिलाओं को मासिक धर्म के समय जौ नही उगाने चाहिए क्योंकि उस समय शरीर को अपवित्र माना गया है.

5) जौ के पात्र में नियमित रूप से जल अर्पित करें लेकिन जल साफ हो और कम मात्रा में इसमें अर्पित करें.

6) अगर घर में चूहे हो तो जौ के पात्र को ऐसी स्थान पर या ऐसी व्यवस्था के साथ रखें कि चूहे वहां तक न पहुँच सके कि चूहे जौ खा जाते है और फिर जवारे नहीं उगते हैं.

7) तीन दिन में जवारे नजर आने लगे और पांचवे दिन तक अच्छी वृद्धि हो जाएं तो मौली की मदद से उन्हें हल्का बांध दें जिससे जवारे गिरेंगे नहीं.

8) इसके अलावा इन बातों का भी ध्यान रखना चाहिए कि इन दिनों ब्रह्मचर्य का पालन करें, घर में साफ सफाई रखने के साथ घर में किसी भी प्रकार का क्लेश न हो और सूर्योदय के साथ ही देवी माँ और जवारे की पूजा करें.

नवरात्रि के दिनों में इन नियमों से घर में जौ उगाएंगे तो यह आपके लिए सुख – समृद्धि के संकेत लाएंगे.


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FAQ – सामान्य प्रश्न

शास्त्रों के अनुसार जौ किस देवी का प्रतीक हैं ?

दुर्गा माता

जौ को उगाने के लिए किसके पात्र को शुभ माना जाता हैं ?

मिट्टी का पात्र.

सृष्टि की सबसे पहली फसल किसे कहा जाता हैं?

जौ को


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