Devkinandan Thakur | प्रथम ज्योतिर्लिंग श्री सोमनाथ धाम गुजरात में होने जा रही है श्री देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज के पावन सानिध्य में श्रीमद्भागवत कथा का सात दिवसीय भव्य और ऐतिहासिक आयोजन 29 मई से 04 जून 2026 को और इस कथा को लेकर उम्मीद जताई जा रही है कि सोमनाथ धाम की इस कथा को श्रवण करने राज्यों से ही नहीं बल्कि पड़ोसी राज्यों के भी भक्त का जनसैलाब आएगी जिसके लिए युद्ध स्तर पर चल रही हैं.
आपको बता दें कि सोमनाथ ज्योतिर्लिंग भगवान शिव के बारह ज्योतिर्लिंग में से पहला ज्योतिर्लिंग है जो कि गुजरात राज्य के सौराष्ट्र नगर में अरब सागर के तट पर स्थित है और शिव महापुराण के अनुसार सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के शिवलिंग की स्थापन स्वयं चंद्रदेव ने किया था जिसके कारण से इस शिवलिंग का सोमनाथ पड़ा है. सोमनाथ ज्योतिर्लिंग के बारे में मान्यता है कि इनके दर्शन मात्र से सभी पापों से मुक्ति मिलने के साथ ही मोक्ष की भी प्राप्ति होती है.
जानते हैं ठाकुरजी महाराज की होने वाली कथा के बारे में विस्तार से :
परम् पूज्य श्री देवकीनंदन ठाकुरजी महाराज के पावन सानिध्य और विश्व शांति सेवा चैरिटेबल ट्रस्ट के तत्वाधान में पहली बार श्री सोमनाथ धाम की अद्भुत दिव्यता में डूबने का सुनहरा अवसर और अधिक मास के अत्यंत पावन समय में होने जा रही हैं सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा का भव्य और दिव्य आयोजन 29 मई 2026 से 04 जून 2026 को दोपहर साढ़े 03 बजे (3:30 बजे) से लेकर शाम के साढ़े 06 बजे (6:30 बजे) तक सोमनाथ मंदिर परिसर, गुजरात में किया जाएगा. इस दिव्य और भव्य कथा की खासियत है इस कथा के यजमान एवं सहभागी बनने का जिसमें सेवाएं इस तरह है प्रमुख यजमान 1,21000, राधा मण्डल 35,000, कृष्ण मण्डल 21, 000और भक्त मण्डल 11,000. तो रजिस्टर करें और इस अलौकिक अनुभव का हिस्सा बनें.
जानते हैं कथा स्थल कैसे पहुंचे :
आप इस कथा में शामिल होने के लिए देश के किसी भी कोने से वायुमार्ग, रेलमार्ग और सड़कमार्ग से कथा स्थल पहुंच सकते हैं क्योंकि सोमनाथ धाम ज्योतिर्लिंग गुजरात इस सभी मार्गों से जुड़ा हुआ है लेकिन अगर आप वायुमार्ग से आना चाहते हैं तो सबसे निकटतम हवाई अड्डा दीव हवाई अड्डा ( Diu Airport) है जहां से कथा स्थल की दूरी मात्र 85 km हैं तो वहीं रेलमार्ग से आने पर सबसे निकटतम रेलवे स्टेशन सोमनाथ रेलवे स्टेशन है जहां से कथा स्थल की दूरी मात्र 02 km की दूरी पर है वैसे आप सड़कमार्ग से भी कथा स्थल आसानी से पहुंच सकते हैं.
तो आइए इस कथा में अपने परिवार सहित पधारें और इस पावन कथा का भाग बनकर भगवान शिव की असीम कृपा, शांति और आनंद का अनुभव करें.
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